Press "Enter" to skip to content

ममता बनर्जी के बंगाल में हिन्दू लड़की ने शेख हफीजुल से बचने के लिए किया जौहर

Share on Facebook
Facebook
Tweet about this on Twitter
Twitter
Share on Google+
Google+
Pin on Pinterest
Pinterest

कृपया शेयर जरुर करें


यहाँ इतिहास ने खुद को ही दोहराया है . सामने था हफिजुल शेख जिसकी नजर पड़ चुकी थी एक हिन्दू लड़की पर . आखिर जिस्म की भूख ने उसको इस कदर पागल कर दिया कि उसने खुली चुनौती दी कि अगर वो लड़की आत्मसमर्पण नहीं करती है तो अंजाम बुरे होंगे . सबसे बड़े आश्चर्य की बात ये है कि इस बार ना कहीं अवार्ड वापसी हो रही है और ना ही किसी प्रकार का NOTINMYNAME जैसा आन्दोलन भी आयोजित हो रहा है .

ज्ञात हो कि राजस्थान के शम्भूलाल मामले को आधार बना कर केवल हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगलते जा रहे धर्मनिरपेक्षता के ठेकेदार और नकली कलमकार आदि अचानक से इस मुद्दे पर खामोश हो गये हैं . उन्हें ये पता है की ये घटना खुद को भारत की सबसे बड़ी सेकुलर घोषित कर रही ममता बनर्जी के शासित राज्य में हुआ है जहाँ पीडिता एक विधर्मी से इस कदर मजबूर हो गयी कि उसने खुद को स्वाहा कर लिया . इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ये पता चल सकेगा कि पीडिता के साथ बलात्कार हुआ है या नहीं क्योकि अपुष्ट खबरों में इसे बताया भी जा रहा है .



सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार धर्मनिरपेक्षता की सबसे बड़ी नाम मानी जाने वाली ममता बनर्जी शासित पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध वीरभूमि जिले की है . यहाँ बोलपुर इलाके मे तालाब में नहाती एक हिन्दू समाज की लड़की की तस्वीरें वही के रहने वाले के विधर्मी शेख हफिजुल ने खीच ली और अपनी जेहादी मानसिकता से उसको अपने साथ समझौता करने के लिए मजबूर करने लगा . उसकी मांग उस लड़की के शीलहरण की थी जिसके चलते वो भारी दबाव में रहने लगी लेकिन बिना हिम्मत हारे वो मना करती रही . आखिरकार हफिजुल ने खुली चेतावनी दी कि वो उस लड़की की फोटो को अब इंटरनेट पर लोड कर के सब जगह फैला देगा . इसको सुन कर वो एकदम से सन्न रह गयी और शेख हफीजुल की दी गयी समय सीमा के अन्दर ही उसने जौहर कर लिया .



उसका 90% शरीर जल कर राख हो गया है जहाँ अफ्राजुल की बीबी के लिए नौकरी की घोषणा करने वाली ममता राज में उसका इलाज़ एक सरकारी अस्पताल में जैसे तैसे चल रहा है . ये घटना धर्मनिरपेक्षता के नकली मुखौटे को पहने एक उस समाज को दिखा रहा है जो सिर्फ हिन्दुओ के खिलाफ बोलने वालों को ही शायद धर्म निरपेक्षता का मेडल देता है . जीवन मौत से लड़ रही जौहर किये उस पीडिता के परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल और जिनके आंसू जनता से पूछ रहे हैं कि क्या उनके लिए न कोई मीडिया है और न ही कोई मानवाधिकार ? बंगाल की सक्रिय भाजपा कार्यकर्ती श्रीमती लॉकेट चटर्जी ने पीड़ित परिवार से मुलाक़ात की और हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया . तुष्टिकरण की राजनीति में केवल एक वर्ग पिसता जा रहा है ये तो एक पक्ष है ही , साथ ही खबर माध्यमो के पास भी केवल उसी में कमी खोजने का समय है जो आज के हालत में खुद ही सबसे ज्यादा पीड़ित है और अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है .

Comments are closed.

Mission News Theme by Compete Themes.
error: Content is protected !!