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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का मौलाना, उमर खालिद, वेमुला की माँ : क्या ये सब दलित नेता है ?

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पुणे में दलित कार्यक्रम में कौन कौन से लोग शामिल हुए जरा उसपर नजर डालिये, क्या ये लोग दलित समुदाय के नेता है, क्या ये दलित कार्यकर्त्ता है, क्या ये लोग दलितों के लिए काम करते है ? आपको हम बताते है की दंगे से पहले जो दलित कार्यक्रम हुआ था उसमे कौन कौन से लोग शामिल थे, दलित समुदाय विशेषकर ध्यान दे 

दलित कार्यक्रम में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का एक नेता शामिल था, दलित कार्यक्रम में सिमी से  सम्बंधित उमर खालिद शामिल था, दलित कार्यक्रम में फर्जी दलित रोहित वेमुला की माँ शामिल थी, वही जो पहले पैसे के लिए ईसाई मिशनरियों के जरिये ईसाई बन गयी, अपने बेटे को फर्जी दलित बना दिया, बाद में उसकी मौत के बाद राजनीती के लिए बौद्ध बन गयी 

दलित समाज के लोग सबसे पहले तो यही सोचे की मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, उमर खालिद, फर्जी दलित वेमुला की कई बार धर्मांतरित माँ, क्या ये लोग दलित नेता है ? या ये लोग दलित ही है ? क्या ये लोग दलितों के उत्थान के लिए काम करते है ? 

और एक है जिग्नेश मेवानी, केरल में एक इस्लामिक आतंकी संगठन है जिसने कई दलितों की हत्या की है, इस संगठन का नाम है पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया, यानि PFI, जिग्नेश मेवानी ने इसी इस्लामिक आतंकी संगठन जो दलितों पर ही सबसे ज्यादा अत्याचार केरल में करता है, उस से लाखों रुपए का चंदा लिया था, क्या जिग्नेश मेवानी दलितों का मसीहा है ? 

ये लोग पुणे में जुटते है, और उसके बाद महाराष्ट्र में दंगे होते है, दलितों के कंधे पर बन्दुक रखकर ये लोग अपनी राजनीती कर रहे है, और मर रहा है दलित, भगवा झंडा लगाकर आजकल अपराध तो जिहादी तत्व कर रहे है, दलित समाज को समझना होगा की उमर खालिद, आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के लोग, फर्जी दलित और कई बार धर्मांतरित रोहित वेमुला की माँ और PFI का साथी जिग्नेश मेवानी, ये दलित नेता नहीं है 

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