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राजीव गाँधी के नाम पर नहीं ध्यानचंद के नाम पर होना चाहिए खेल अवार्ड : अश्विनी उपाध्याय

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मतलब चाटुकारिता की तो हद ही हो चुकी है, भारत का सबसे बड़ा सिविल अवार्ड है भारत रत्न, और सबसे बड़ा सैन्य अवार्ड है परमवीर चक्र, इसी तरह खेलों में भी एक सबसे बड़ा अवार्ड है, और इस अवार्ड का नाम है – “खेल रत्न अवार्ड”, जी हां यही नाम है भारत में खेलों के सबसे बड़े अवार्ड का 

अर्जुन अवार्ड, द्रोहाचार्य अवार्ड इत्यादि भी है, पर सबसे बड़ा खेलों का अवार्ड राजीव गाँधी के नाम पर “राजीव गाँधी खेल रत्न अवार्ड” ही है, जो भी राज्य, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत अच्छा खेल प्रदर्शन करता है, उसे ये अवार्ड दिया जाता है, पर राजीव गाँधी के नाम पर ये अवार्ड !! कुछ समझ नहीं आता, और ये बात आज बीजेपी के नेता और वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय ने उठाई, देखिए उन्होंने क्या कहा 

राजीव गाँधी तो किसी भी स्तर के खिलाडी नहीं  थे, वो किसी भी खेल में जिला स्तर के भी खिलाडी नहीं थे, वो कुछ भी नहीं थे, पर खेलों का सबसे बड़ा अवार्ड उनके नाम पर, जो खिलाडी  विशेष प्रदर्शन करते है उनको ये अवार्ड दिया जाता है, राजीव गाँधी के नाम पर अवार्ड, ये खिलाडियों का सम्मान है या अपमान !! 

अश्विनी उपाध्याय ने ये भी मांग करी की खेलों का सबसे बड़ा अवार्ड ध्यानचंद जी के नाम पर होना चाहिए, क्यूंकि वो दुनिया के स्तर पर एक अद्भुत खिलाडी थे ! 

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