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भारत में तो बहुसंख्यक हिन्दू ही सामान अधिकारों के लिए कर रहा है संघर्ष : अश्विनी उपाध्याय

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अगर आप सोचते है की भारत में हिन्दू बहुसंख्यक है, तो मजे में है, तो आप बिलकुल गलत है, असल में भारत में हिन्दू एक मार खाने वाला समाज है, जी हां, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हिन्दू मार ही खा रहा है, घट रहा है, उसकी बेटियां बर्बाद की जा रही है, गौतम नगर को इस्लाम नगर तक बना दिया जा रहा है, भारत में बहुसंख्यक हिन्दू जूझ रहा है, क्यूंकि वो सेक्युलर है ! 

अगर आप सोचते है की भारत में हिन्दुओ का वर्चस्व है, तो आप बिलकुल गलत है, आप अपने स्कूलों में गीता नहीं पढ़ा सकते पर मुस्लिम अपने मदरसों में कुरआन पढ़ा सकते है, ईसाई बाइबल बढ़ा सकते है, आप के मंदिरो पर मठों पर टैक्स लगता है, पर मस्जिद चर्च पर कोई टैक्स नहीं, हिन्दू तो भारत में ही जूझ रहा है, वो  भी समान अधिकारों के लिए 

आज वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय ने एक बड़ी बात कही, जिसे हिन्दुओ को समझने की जरुरत है, क्यूंकि सेक्युलर हिन्दुओ की स्तिथि बिना सर के शुतुरमुर्ग की हो गयी है, ध्यान दीजिये अश्विनी उपाध्याय ने कौन सी गहरी बात कही है 
दुनिया के हर देश में वहां का बहुसंख्यक समाज मजबूत है, और अल्पसंख्यक समाज को बहुसंख्यक समाज का सम्मान करना होता है, पर भारत में बिलकुल उल्टा है, यहाँ तो कई इलाके में सरस्वती पूजा के लिए भी आपको अल्पसंख्यकों की मर्जी पर आश्रित रहना पड़ता है, हर शहर में मिनी पाकिस्तान है जहाँ आप तिरंगा यात्रा भी नहीं निकाल सकते, ये स्तिथि है भारत में बहुसंख्यको की, और इसका एकमात्र कारण ये है की बहुसंख्यक समाज सेकुलरिज्म नामक कैंसर से ग्रस्त है, और इसी कारण उसका नाश लगातार हो भी रहा है ! 

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