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रो पड़े सैनिको के बच्चे – “हमारे पापा को वो कश्मीर में पत्थर मार रहे है उन्हें बचा लीजिये अंकल”

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ये खबर पढ़ कर यकीनन आंसू आ जायेंगे कम से कम उनकी आँखों में तो जरूर जिन्हें चिंता है इस देश की और इस देश के रखवालों की . ऐसा पहले शायद ही कभी हुआ हो क्योकि निश्चित तौर पर देश के दुश्मनों ने एक प्रकार से देश की सरकार , देश की सेना और देश प्रेमियों के खिलाफ खुली जंग का एलान सा कर दिया है . इस देशद्रोहियों की फ़ौज को रोकने के लिए अब मासूमों को आगे आना पड़ रहा जो कहीं न कहीं सज्जन शक्ति की ख़ामोशी को दर्शता है .

ज्ञात हो कि पत्थरबाजो को मुआवजा की मांग और सेना को जेल में भेजने की मांग के बीच में जब तमाम बुद्धिजीवी खामोश थे तब भारतीय सेना के दो सैनिकों के बेटे मानवाधिकार आयोग पहुचे और कुछ ऐसा बोला कि देश की आँखों से आंसू और मानवाधिकार आयोग के चेहरे पर ख़ामोशी छा चुकी है . इन बच्चो के नाम हैं प्रीति , काजल और वैभव हैं जिनके पिता सेना में हैं .

इन बच्चों ने कहा कि – “अंकल हमारे पापा को कश्मीर में पत्थरों से मारा जा रहा है , प्लीज उन्हें बचा लीजिये , आप लोग उनके लिए कुछ क्यों नहीं करते . प्लीज अंकल बचा लीजिये पापा को मेरे ” …. इतना सुन कर मानवाधिकार आयोग के भीड़ भरे आफिस में ख़ामोशी छा गयी है और देश में जिसने भी सुना उनकी आँखों में आंसू निकल आये हैं . इन तीन बच्चों ने शांत बैठी देश की सज्जन शक्ति को भी झकझोरा है जिसके बाद निश्चित तौर पर लोगों की सोते से जगने जैसी चेतना आई है . यद्दपि तीनो बच्चे वापस घर आ गये लेकिन उनका सवाल पूरे देश के जर्रे जर्रे में गूँज गया है .

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