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नक़ल उद्योग से होने वाली कमाई भी रुकी, इसलिए कह रहे अब सपाई – योगी सरकार ख़राब है

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तो आज सपाई कह रहे है की योगी सरकार ख़राब है, चलिए बताते है इन सपाइयों के लिए योगी सरकार क्यों ख़राब है, समाजवादी पार्टी के समय यूपी में नक़ल का बहुत बड़ा हब बन चुका था, लाखों करोड़ का ये कारोबार बना हुआ था, नेता, विधायक, डीएम, पुलिस सब इस धंधे में थे ……… लेकिन योगी जी आज उसी हब को बर्बाद करने में जुटे हैं ।

कितना बड़ा कारोबार था लाखों-करोड़ों रुपये का लेकिन योगी की सख्ती से सब कुछ बर्बाद हो रहा है । ऐसा भी कहीं होता है क्या ?बोर्ड परीक्षाओं में इतनी सख्ती भी कोई करता है क्या ? इन भगवाधारी महोदय की सख्ती की वजह से 10 लाख बच्चे परीक्षा छोड़ चुके हैं ।

क्या भविष्य होगा अब इनका ? क्या भविष्य होगा उनका जो अपना भविष्य बनाने के लिए यूपी से फॉर्म भरे थे । पूरे भारत से लोग अपने बच्चों को 10वीं-12वीं की परीक्षा दिलाने लाते थे । कितनी आस-उम्मीद से आते थे कि चलो अपना लौंडा अपने स्टेट में तो लुढ़क गया लेकिन यूपी से 80 परसेंट ले आएगा । पैसा ही तो खर्च होगा । कितना पैसा ? सिर्फ 8-10 हजार । किस को देना होगा ?

सेंटर मालिक को देना होगा , उसके एजेंट को देकर बस टेंशन फ्री , लौंडे की 84 परसेंट पक्की । फुल नकल की फुल गारंटी । पास बुक , सीरीज , साथ ले जाने की खुल्ली छूट । स्कूल वालों की नीचे से ऊपर तक , बोर्ड से लेकर राजधानी तक सब जगह सेटिंग है । हर अधिकारी , अफसर को चढ़ावा चढ़ता है , मंत्री जी को भोग लगता है । बिना राजधानी को भोग लगाये कोई भी अधिकारी , अफसर प्रसाद छू भी नहीं सकता ।
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हमारे एक पहचान वाले हैं । उनके दोनों लड़के एकदम लुल्ल । 2 का पहाड़ा न पढ़ सकें ठीक से । टीपू भइया के समय यूपी से फॉर्म भरवा दिया और दसवीं-बारवीं में 80 परसेंट हाथ में । वे दोनों लुल्ल तो परीक्षा देने भी नहीं गये । पता नहीं उनकी जगह कौन पर्चे हल कर आया ? एक और मिलने वाले हैं । उनके लड़के राजस्थान बोर्ड में 2 बार टपक गए । यूपी से फार्म भरवा आये । स्कूल सेंटर वालों ने MBD पास बुक्स सामने रखवा कर हेल्प (नकल) करवाई और दोनों लौंडे 80-85 परसेंट से सफलतापूर्वक उत्तीर्ण । कितना हेल्प फुल एटमॉस्फियर था उन दिनों । जो कहीं न पास हो सकता था वह यूपी से फर्स्ट डिवीज़न विद डिक्टेशन पास हो जाता था । खर्चा महज 8-10 हजार ।

परीक्षा देने वालों से लेकर नकल कराने वालों तक और नकल कराने वालों से लेकर नम्बर बढ़वाने वालों तक ….. सब जगह-जगह कुकुरमुत्तों की तरह मिल जाते थे …. पैसा खर्च करते ही हर प्रकार की सेवा उपलब्ध थी । जैसी रकम वैसी सुविधाएं । पूरा सिंडीकेट चलता था परीक्षा माफियाओं का । कुल जमा रकम का एक बड़ा हिस्सा ऊपर तक पहुंचता था । फिर बाकि बचे का पदानुसार व औकातानुसार नीचे तक बंटवारा होता था । सबका हिस्सा फिक्स था । पूरे भारत से लाखों-करोड़ों का इन्वेस्टमेन्ट होता था यूपी में । कितने लोगों का रोजी-रोजगार चल रहा था ?

सबके पेट पर लात मार दिए ये योगी जी । इतना बड़ा सिंडिकेट तोड़ डाला । बताओ । एजुकेशन के मामले में यूपी जो पूरे भारत में एक नए एजुकेशन हब के रूप में उभार मार रहा था , योगी जी लात मार कर सारा उभार अंदर कर दिए । हर तरह का उभार चपटा कर दिया । 84 परसेंट वालों का भविष्य अंधकारमय बना दिया । ये फक्कड़ आदमी एजुकेशन में इन्वेस्टमेंट का महत्व नहीं जानता ।
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एक बार टिप्पू भइया की सरकार आने दो ….. देख लेना फिर से लाखों-करोड़ों का इन्वेस्टमेंट होने लगेगा । फिर से कइयों की रोजी-रोटी चलने लगेगी । फिर से कई 33 परसेंट भी न लाने वाले सीधे-सीधे 84 परसेंट मारेंगे । फिर से यूपी एजुकेशन हब बनेगा । फिर से क्लास रूम ही नहीं , छत-छज्जे भी भरे-भरे दिखने लगेंगे । फिर परीक्षा छोड़ कोई नहीं भागेगा । ये फक्कड़ योगी को बिज़नेस करने का सेंस ही नहीं । अपने टिप्पू भइया से सीखना चाहिए ।

कल विद फादर एक लुल्ल मिल गया । हमने उसके फादर से पूछा क्यों भाई , आपका लड़का यहां डोल रहा है उधर यूपी में पेपर लग रहे हैं । आपने तो लड़के को वहां से फॉर्म भरवा रक्खा था न , फिर इस्कू परीक्षा दिलवाने नहीं ले गये क्या ? नहीं ले गए साहब ? हमने पूछा – क्यों ? बोले … उधर योगी गवरमिंट आ गया है न , आजकल सब कुछ बन्द है । सेंटर वाले ने हाथ खड़े कर दिये , एजेंट भी भाग खड़ा हुआ । लड़के का कैरियर अधर में लटका पड़ा है और पैसा डूबा सो अलग । वह घण्टे भर तक अपने लड़के के कैरियर पर चिंता जताते रहे और योगी को कोसते रहे । पूरा बाजार बिगाड़ कर रख दिये योगी जी ।

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