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ढाका के नवाब ने कहा – हिन्दुओ की अपराजित भूमि है असम, इसे जनसंख्या जिहाद से ही जीता जा सकता है

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भारत वर्ष में 2 इलाके ऐसे रहे जहां इस्लामिक़ हमलावर कभी अपनी सत्ता स्थापित नही कर सके, एक नेपाल और एक असम, हालांकि नेपाल अब एक अलग स्वतंत्र देश है पर पहले भारत का ही हिस्सा रहा है

असम में कभी मुस्लिम हमलावर अपनी सत्ता स्थापित नही कर सके, मुगलों में बहुत कोशिश की पर असम के हिन्दुओ में उन्हें बार बार मार भगाया, हर युद्ध हराया, औरंगजेब के समय मुगलों से सबसे ज़्यादा विस्तार किया, पर औरंगजेब भी असम में नही घुस सका, उसने बाकायदा अपने मामा शाइस्ता खान को भी भेजा पर लचित बोरफुकन जैसे वीरों ने मुगलों को मार भगाया 

1906 के जमाने मे बांग्लादेश नही था, भारत का ही हिस्सा था, ढाका का नवाब था सलिमुल्लाह, जिसकी तस्वीर आप ऊपर देख सकते है, सलिमुल्लाह मुस्लिम लीग का भी नेता ठै और उसने ढाका में 06 दिसंबर 1906 में कहा था, असम हिन्दुओ को अपराजित भूमि है, इस्लाम की फतह असम पर हमारे पुरखे तलवार से भी नही करवा सके, जबतक असम पर इस्लाम की फतह नही होती गजवा हिन्द नही हो सकता 

सलिमुल्लाह ने मुसलमानों से अपील करी की असम को तलवार से भी हमारे पुरखे जीत नही सके पर हम बिना तलवार के भी असम को जीत सकते है, उसके लिए हमे यानी मुसलमानों को असम में ज्यादा से ज्यादा बसना होगा और ज्यादा औलादें करनी होंगी 

1906 में ढाका के नवाब सलिमुल्लाह ने असम में जनसंख्या जिहाद की शुरुवात की थी और मुसलमानों ने असम में ज्यादा से ज्यादा बसना शुरू कर दिया, और 1947 तक असम में मुसलमान 30% से ज़्यादा हो गए थे, फ़िर बंटवारा हुआ और पूर्वी पाकिस्तान बनाया गया तो असम से फ़िर वापस बहुत से मुसलमान पूर्वी पाकिस्तान चले गए, काफी दंगे भी हुए, हिन्दुओ ने बड़े पैमाने पर जिहादियों को भगाया, पर फ़िर असम और भारत मे शुरू हुआ कांग्रेस राज और आज 2018 के हालात है कि असम के 9 जिले मुस्लिम बहुल है, ढाका के नवाब सलिमुल्लाह का सपना कांग्रेस ने पूरा करने का जिम्मा ले लिया और करोड़ो अवैध बांग्लादेशी असम में घुसाए, 3 करोड़ की जनसंख्या में 1.2 करोड़ तो बांग्लादेशी मुसलमान है 

अब BJP की सरकार आई है तो बंग्लादेशियों की पहचान की जा रही है, जिसका विरोध कांग्रेस कर रही है, और अन्य सेक्युलर और वामपंथी कर रहे है, क्योंकि असम के इस्लामीकरण के लिए नवाब सलिमुल्लाह ने जिहाद चलाया और उसके बाद कांग्रेस ने सलिमुल्लाह के मिशन को आगे बढ़ाया और इसी कारण अब असम में 36% से ज्यादा मुस्लिम है

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