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प्लेन क्रैश की खबरें मोदी राज में क्यों नहीं आती, जबकि कांग्रेस राज में हर हफ्ते होता था क्रैश

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आपको याद है जब यूपीए का शासन था यानि सोनिया गाँधी का शासन काल, हर थोड़े दिन में कही न कही मिग या मिराज के क्रैश होने और उन हादसों में हमारे बेशकीमती प्रशिक्षित पायलट्स के शहीद होने की खबरे बेहद आम हो गयी थी। लगभग हर हफ्ते ही खबर आती थी, और कोई न कोई पायलट शहीद हो जाता था 

जबसे मोदी सरकार आयी है, कितने ऐसे हादसे हुए? आजकल तो एयरफोर्स के विमान इस रहस्यमय तरीके से क्रैश नही होते। ऐसा क्यों? मोदी राज में प्लेन क्रैश क्यों नहीं होते, जबकि सोनिया सरकार के समय तो रहस्यमयी तरीके से ऐसे हादसे हुआ करते थे ! 

क्या जिस तरह इशरत केस में बहुत बड़े लेवल पर साजिश हुई, इन दुर्घटनाओं के मामले में भी कही ऐसा ही कुछ तो नही था? क्योंकि बात सिर्फ कीमती विमानों के नष्ट होने की नही, हमारे बेहद जांबाज और बेशकीमती पायलट्स के नुकसान का भी है। एयरफोर्स के मनोबल और नए रिक्रूट्स के मनोबल का भी था।

जब इन दुर्घटनाओं के संदर्भ में ए के एंटनी से पूछा गया था, उनका उत्तर था राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर यह जानकारी सार्वजनिक नही की जा सकती। क्यों? दुर्घटनाओं में ऐसा क्या था जो नही बताया जा सकता था? सोचिये गौर से। यूपीए सरकार किस कदर घिनौनी थी सोच कर रोंगटे खड़े हो जायेंगे। 

ये वो लोग है जो चुपके से चीनी राजदूत से मिलते है, चुपके से मणिशंकर अय्यर के घर पर पाकिस्तानी राजदूत से मिलते है, और पहले ना करते है, पर जब झूठ ज्यादा नहीं टिक पाता तो हां करते है ! सोनिया गाँधी के शासन काल में हर हफ्ते हमारे फाइटर जेट क्रैश क्यों होते  थे,इसकी गहरी जांच की जरुरत है और सरकार को एक कमिटी बनाकर इस जांच को करना चाहिए ! 

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