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बस आप समझ जाइये “अल-तकिया”, यही है कट्टरपंथियों का सबसे खतरनाक हथियार !

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कट्टरपंथी मजहब मे माना जाता है सबसे ताकतवर हथियार ‘अल-तकिया’, इसने कट्टरपंथी मजहब के प्रचार प्रसार में जितना योगदान दिया है उतना इनकी सैंकड़ों हजारों जिहादियों की सेनायें नहीं कर पायीं । अल- तकिया के अनुसार यदि कट्टरपंथी मजहब के प्रचार , प्रसार अथवा बचाव के लिए किसी भी प्रकार का झूठ, धोखा , द्वेष अपने वादे से मुकर जाना काफिरों (हिन्दू) का विस्वास जितना और उनको घात लगाकर पीछे से हमला करना यहाँ तक की कुरआन की झूठी कसमे खाना – सब धर्म स्वीकृत है । और ये इनके अल्लाह का फरमान है

और अल तकिया के लिए कुरान और हदीथ में कई बाते कही गयी है जिसका अनुरुप ये है  Quran (16:106), Quran (3:28), Quran (40:28), Quran (2:225), Quran (3:54),  Quran (8:17), Bukhari (52:269), Bukhari (49:857), Bukhari (84:64-65), Bukhari (50:369)

ये सभी सबूत कुरान और हदीथ से दिए गए है, कुरान और हदीथ पर इस्लाम चलता है, आप सभी को गूगल कर पढ़ सकते है  इन सभी का सार ये निकलता है की , जब भी इस्लाम पर ऐसा खतरा आ जाये की तुम कुछ ना कर सको, या जब काफिर एकजुट हो रहे हो, तुम पकडे  जाने वाले हो 

ऐसी तमाम परिस्तिथि में अल तकीया करो, यानि मीठी मीठी बाते करो, झूठ बोलो, काफिर के फेवर में बात करो  ताकि काफिरो के बीच असमंजस की स्तिथि बन जाये और वो एकजुट न हो, या तुम्हारी पोल ना खुले इसके लिए इस्लाम की झूठी कसम भी खाई जा सकती है, यहाँ तक की अल्लाह और पैगम्बर की भी झूठी कसम खाई जा सकती है, हदीसो के अनुसार ये भी है की, जिहाद के लिए अगर तुम झूठ भी बोलते हो तो अल्लाह तुम्हे माफ़ कर देगा, अगर आपका पोल खुल रही हो तो कह दो की ऐसा तो होता ही नहीं, ऐसा कहीं लिखा ही नहीं, ये गलत है , उसका हमसे कोई लेना देना नहीं 

नोट : शिवाजी महाराज और गुरु  गोविन्द सिंह से भी कई मुस्लिम सेनापतियों ने कुरान की और अल्लाह की कसम खा के तोड़ी थी वो सब अल तकीया के अनुसार ही है, अल तकीया बहुत शातिर थ्योरी है जो आप “Al Taqiyaa” गूगल कर अधिक जान सकते हैं, और क़ुरान और हदिथो से ही ही ये सब जानकारी आपको मिलेंगी , नोट : ऐसा कहा जाता है की अल तकीया शिया मुस्लिमो का कांसेप्ट था पर ये सुन्नी मुस्लिमो के लिए भी  कठिन परिस्तिथि में जायज है 

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