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अब आप समझे ? रघुराम राजन क्यों पसंद था कांग्रेस, वामपंथियों और NGO वालो को !!

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अगर अरविन्द केजरीवाल, बरखा दत्त, सागरिका घोसे, देश के वामपंथी, बुद्धिजीवी, कविता कृष्णन, वामपंथी नेता, सेक्युलर मीडिया के पत्रकार, अगर किसी की तारीफ करे, किसी का समर्थन करे तो आपको तुरंत समझ जाना चाहिए, की वो शख्स देश के लिए, हिन्दू समाज के लिए घातक है 

रघुराम राजन का समर्थन भारत की सेक्युलर मीडिया, NGO के लोग, बुद्धिजीवी, वामपंथी नेता, कांग्रेस नेता क्यों समर्थन करते थे, इसे वापस RBI का गवर्नर बनाना चाहते थे, अभी आपको ये समझ में आ जायेगा ! 

वैसे आप स्वयं सोचिये ये जितने भी लुटेरे है, चाहे ललित मोदी हो, नीरव मोदी हो, माल्या हो, ये किसकी सरकार में लूट मचाते रहे ? और किसकी सरकार में भागे ? कांग्रेस की सरकार में लूट मचाते रहे, 1 के खिलाफ भी कोई जांच कोई कार्यवाही नहीं हुई, लूट मचाकर ऐश करते रहे,  इनको 2014 से पहले कोई डर था ही नहीं, ये सब भागे 2015 के बाद जब मोदी सरकार ने कमान संभाल ली, इनको तब डर लगा 

नीरव मोदी द्वारा 2011 से ही पंजाब नेशनल बैंक में लूट शुरू हुई, और ये लूट 11 हज़ार 300 करोड़ तक चली गयी, कल ही इलाहबाद बैंक के पूर्व डायरेक्टर सामने आये थे और उन्होंने ये अहम् जानकारियां दी थी, देखिये 


ये तो इलाहबाद बैंक की कहानी, जहाँ नीरव मोदी ने लोन के लिया अप्लाई किया था, डायरेक्टर ने लोन से इंकार कर दिया, फिर नीरव मोदी के ऐयाशी कॉकटेल पार्टी में शामिल हुए राहुल गाँधी, अगले ही दिन नीरव मोदी का लोन पास, और बैंक डायरेक्टर को चिदंबरम ने हटा दिया 

पंजाब नेशनल बैंक में इनके ही अपने लोग थे, इसलिए वहां किसी डायरेक्टर ने विरोध नहीं किया, और इन सभी बैंको का ऑडिट होता है रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया में, जिसका प्रमुख था रघुराम राजन, अब इसका भी रिपोर्ट कार्ड आप देख लीजिये, 2011 में RBI ने ऑडिट किया तब नीरव मोदी पकड़ में नही आया , RBI ने 2012 में ऑडिट किया तब भी नीरव मोदी पकड़ में नही आया , RBI ने 2013 में ऑडिट किया तब भी नीरव मोदी पकड़ में नही आया, RBI ने 2014 में ऑडिट किया तब भी नीरव मोदी पकड़ में नही आया 

नीरव मोदी ही नहीं अन्य लुटेरे भी पकड़ में नहीं आये, 1 भी नहीं पकड़ा गया, पर मनमोहन की जगह मोदी आ गए तो लुटेरों में खलबली मच गयी और वो भागने लगे, पर ऐसे तो दर्जनों लोग थे जिनको बैंको का पैसा सोनिया और राहुल गाँधी की सरकार ने दिया था, अब तो मोदी आ गया, अब क्या होगा !! 

इसी कारण देश के वामपंथी, कांग्रेस नेता, बुद्धिजीवी, NGO गैंग ये सभी एक सुर में रघुराम राजन का समर्थन करने लगे और इसे दुबारा RBI गवर्नर बनाने के लिए प्रदर्शन तक करने लगे, ताकि कम से कम ये रहे तो कुछ तो आसरा रहे, पर मोदी ने इसे हटा दिया, और अब देखिये 2018 में नीरव मोदी का केस सामने आया, अभी आप कुछ दिन और इंतज़ार कीजिये, कई और केस सामने आएंगे, संगठित लूट मचाई हुई थी कांग्रेस और उसके साथियों ने इस देश में ! 

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