Press "Enter" to skip to content

अल्लाह को खुश करने के लिए न करें निर्दोष जानवरों का कत्लेआम, इब्राहीम ने दी थी बेटे की क़ुरबानी

Share on Facebook
Facebook
Tweet about this on Twitter
Twitter
Share on Google+
Google+
Pin on Pinterest
Pinterest

कृपया शेयर जरुर करें
न करें जानवरों का कत्लेआम
न करें जानवरों का कत्लेआम

बकरीद का इस्लामिक मजहबी त्यौहार है और करोडो निर्दोष जानवरों का इस मौके पर खून बहाया जाना है, कत्लेआम किया जाना है, हम लोगों से अपील करते है की आप 1 भी जानवर का खून मत बहाइये

अल्लाह को खुश करने के नाम पर आप 1 भी निर्दोष जानवर का कत्लेआम न करें, निर्दोष जानवरों का आपके मजहब से कोई लेना देना नहीं है, अपने मजहबी वसूलो और अल्लाह को खुश करने के लिए खून खराबा न करें


और अगर आपको क़ुरबानी ही देनी है तो अपनों की दें – देखिये इब्राहीम ने भी अल्लाह को खुश करने के लिए किसी जानवर की नहीं बल्कि अपने बेटे की क़ुरबानी देने की कोशिश की थी

बकरीद का ये वसूल होता है की – अपनी सबसे प्यारी चीज की क़ुरबानी अल्लाह को दी जाती है, अब आप जानवर को कल खरीद लायें मार्किट से और उसका खून बहा दिया और आपने सोच लिया की अपने क़ुरबानी दे दी

अल्लाह को टोपी न पहनाए, अल्लाह जानवर की क़ुरबानी लेगा क्या – जानवर से आपको क्या प्यार है आप तो पैसे देकर कल ही उसे खरीद लाये हो और खून बहाकर सोच रहे हो की अल्लाह खुश हो जाएगा, ये तो अल्लाह को टोपी पहनना हुआ, और ऐसे में अल्ला खुश तो नहीं होगा उल्टा नाराज जरुर हो जायेगा

क़ुरबानी अल्लाह आपके सबसे प्रिये की मांगता है न की ख़रीदे हुए जानवर की, अब इब्राहीम के ज़माने में तो उसने अपने बेटे की क़ुरबानी देने की कोशिश की थी, पर आज के ज़माने में आप अपने बेटे की क़ुरबानी देगे तो ये कानूनन अपराध हो जायेगा

इसी कारण आप किसी जानवर की और किसी की भी खून बहाकर कोई क़ुरबानी न दें, आप भले ही मन की संतुष्टि के लिए केक काटकर अल्लाह को समर्पित कर दीजिये, वैसे भी अल्ला आपकी भावना देखता है बाकि कुछ नहीं

निर्दोष जानवर को मारकर आप अमानवीय कृत्य अल्ला के नाम पर न करें और हमारी अपील है की आप किसी भी जानवर को कोई नुक्सान न पहुंचाए तो मिठाई केक इत्यादि से अपना बकरीद मनाएं

Comments are closed.

Mission News Theme by Compete Themes.
error: Content is protected !!