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उठी मांग – मीलार्ड मस्जिदों में भी महिलाओं को दिलाओ एंट्री, मुस्लिम महिला भी है पुरुष के समान

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Entry of Women in Mosques
Entry of Women in Mosques

Entry of Women in Mosques : सुप्रीम कोर्ट ने आज एक अहम् फैसला देते हुए केरल के सबरीमाला हिन्दू मंदिर में महिलाओं की एंट्री का आदेश दे दिया है, मंदिर बोर्ड ने भी कहा है की अब कोर्ट ने ये आदेश दिया है तो इसका पालन करेंगे 

कोर्ट के इस फैसले के बाद वामपंथी और सेक्युलर बहुत खुश है, चलिए अच्छा है आज कोर्ट ने टिपण्णी में ये भी कहा की धार्मिक स्थल में महिला पुरुष एक समान है किसी से लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं हो सकता, वामपंथियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जमकर समर्थन किया है


साथ ही वामपंथी अब हिन्दू धर्म को भी कोस रहे है की हिन्दुओ में ऐसे मंदिर होते है जहाँ महिलाओं के आने जाने पर रोक होती है, सेक्युलर भी वामपंथियों का खूब साथ दे रहे है और हिन्दू मंदिरों और हिन्दू धर्म को कोस रहे है

पर ये लोग जानते हुए भी मौन है की मस्जिदों में नमाज़ के लिए महिलाओं को एंट्री नहीं दी जाती, मस्जिदों में तो महिलाओं की एंट्री पूरी तरह बंद है, किसी भी मस्जिद में महिलाएं जाकर नमाज़ नहीं पढ़ सकती, वामपंथी हिन्दू धर्म और मंदिरों पर तो टिपण्णी कर रहे है पर अब कोर्ट के फैसले के बाद मस्जिदों पर मौन है

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कुछ लोगों ने अब मीलार्ड से मांग कर दी है की – महिला और पुरुष एक समान है ठीक बात है, तो सिर्फ मंदिरों में ही ये समानता चलेगी या अन्य धार्मिक स्थलों में भी, जामा मस्जिद तो सुप्रीम कोर्ट से बेहद पास है, मस्जिद में महिलाओं की एंट्री दिलवाई जाये ताकि मस्जिद में महिलाएं भी नमाज़ कर सके, सिर्फ मंदिर में ही महिलाओं को एंट्री दिलाने से महिला शसक्तीकरण हो जायेगा क्या

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जो वामपंथी हिन्दू धर्म पर कटाक्ष कर रहे है वो मस्जिदों और इस्लाम पर तो बिलकुल मौन है, हिन्दुओ में कुछ ही ऐसे मंदिर है जहाँ महिलाओं की एंट्री नहीं है, जबकि 99.99% से ज्यादा मंदिरों में महिलाओं की एंट्री है

पर देश के हर मस्जिद में महिलाओं की एंट्री बैन है, महिला मस्जिद के अन्दर नमाज़ नहीं पढ़ सकती, मीलार्ड कह रहे है की धार्मिक स्थल में पुरुष और महिला एक समान है, तो ये फैसला मस्जिदों पर भी लागू होना चाहिए !

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