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आमिर खान ने SC के फैसला का किया विरोध, बौखलाकर कहा – मैं जवाब नहीं दूंगा, दिखाया असली रूप

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Islamist Aamir khan does it Again
Islamist Aamir khan does it Again

Islamist Aamir khan does it Again : आमिर खान जैसे कट्टरपंथी सेकुलरिज्म का मुखौटा पहनकर हिन्दुओ को तभी तक मुर्ख बना रहे है जबतक इस देश में हिन्दू बहुसंख्यक है 

जैसे ही इनकी आबादी बढ़ेगी ये सेकुलरिज्म का मुखौटा फेंक कर फिर असल रूप में आएंगे, जबतक हिन्दू ज्यादा है, हिन्दुओ से कमाई करनी है ये लोग सेकुलरिज्म का मुखौटा पहने रखेंगे, फिर भी ये लोग अपने असल स्वरुप को समय समय पर दिखाते रहते है


फिल्म्बाज आमिर खान ने फिर अपना असली चेहरा दिखाया है, ये वो आमिर खान है जिसने हिन्दू धर्म को बदनाम करने के लिए सत्यमेव जयते नामक कार्यक्रम के जरिये हिन्दू धर्म की खूब कुरीतियाँ दिखाई, पर इस्लाम की घिनोनी कुरीतियों पर 1 शब्द नहीं बोला

ये वो आमिर खान है जिसने हिन्दुओ को नीचा दिखाने के लिए फिल्मो में भगवान् शिव को टॉयलेट में घुमाया, मूढ़ हिन्दुओ को बड़े पैमाने पर इन लोगों ने मूढ़ बनाया और पैसा कमाया, हिन्दुओ की आस्था पर चोट करते हुए हिन्दुओ को अन्धविश्वासी बताया, और खुद ये आमिर खान मक्का जाकर शैतान को पत्थर मार आया

हर मुस्लिम जानता है चाहे वो कितना भी अनपढ़ हो की नमाज़ के लिए मस्जिद जरुरी नहीं होता, क्यूंकि जितने भी मुस्लिम मस्जिद में नमाज़ पढ़ते है उस से कहीं ज्यादा तो ग्राउंड, सड़क घेरकर नमाज़ पढ़ते है, सभी मुस्लिम जानते है की अगर कहीं मस्जिद न हो तो भी नमाज़ की जा सकती है, बिना मस्जिद नमाज़ नहीं हो सकती ऐसा नहीं है

सुप्रीम कोर्ट ने 1994 के अपने फैसले को बरकरार रखा और कहा की हां मस्जिद नमाज़ के लिए जरुरी नहीं है, मस्जिद न हो तो भी नमाज़ की जा सकती है, अब इसी फैसले के बाद एक कार्यक्रम में एक रिपोर्टर ने आमिर खान से पूछ लिया, की क्या मस्जिद जरुरी है नमाज़ के लिए

साथ ही रिपोर्टर ने ये भी कहा की आपने इतिहास में अच्छी फिल्मे बनाई है धर्मो पर इसलिए मैं आपसे पूछ रहा हूँ की क्या मस्जिद नमाज़ के लिए जरुरी है ? इसपर आमिर खान जो अच्छे मूड में था अचानक बौखला गया और उसने जवाब देने से इंकार कर दिया

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Islamist Aamir khan : साफ़ है की आमिर खान ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी आपत्ति जताई, उसने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत नहीं किया, जबकि आमिर खान भी अच्छे से जानता है की मुसलमान मस्जिद के बाहर भी करोडो की संख्या में नमाज़ पढ़ते है, मस्जिद नमाज़ के लिए जरुरी नहीं है, आमिर खान ये बात आसानी से कह सकता था, पर उसने साबित कर दिया की वो मुस्लिम पहले है और भारतीय बाद में

सुप्रीम कोर्ट में भी जज अब्दुल नज़ीर ने कल ये साबित किया की वो मुस्लिम पहले है और जज तथा भारतीय बाद में और आज आमिर खान ने भी इस बात को साबित किया !

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