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गणेश पंडाल में करवाई नमाज़, मस्जिद में कब मानेगी गणेश चतुर्थी, ऐसे बढ़ेगी भाईचारा, एकतरफा ?

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Namaz in Ganesh Temple
Namaz in Ganesh Temple

Namaz in Ganesh Temple : सेकुलरिज्म एक ऐसी घातक बीमारी है, ऐसा कैंसर है ऐसा एड्स है जिस से करोडो हिन्दू पीड़ित है, और ये एक सत्य है 

हिन्दुओ की ऐसी भयानक बीमारी है सेकुलरिज्म जिसका उनको पता ही नहीं की उनको जानलेवा बीमारी लग चुकी है, हमने पिछले कई सालों से गणेश पंडालों, मंदिरों में खूब नमाज़ देखि


ऐसी तस्वीरों को डालकर सेकुलरों ने बताने की कोशिश करी की कितना भाईचारा चल रहा है, देखिये गणेश पंडाल में नमाज़ हो रही है, फिर कोई गुरूद्वारे में भी नमाज़ की तस्वीर डालता है, तो कोई मंदिर में 

हमने ऐसी बहुत सी तस्वीरें देखि, 1 तस्वीर तो हमने आपके सामने ऊपर भी रखी, जिसमे गणेश पंडाल में दर्जनों नमाज़ पढ़ रहे है, ऐसी तस्वीरों को डालकर भाईचारे का ज्ञान दिया जाता है, कितना भाईचारा है, कितना अमन चैन है ये बताया जाता है

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तो क्या ये सेकुलरिज्म, ये भाईचारा एकतरफा चलने वाली चीज है ? गणेश पंडालों में तो हमने बहुत नमाज़ देखि, सेकुलरों ने गणेश मंदिर, गणेश पंडाल के के दरवाजे नमाज़ के लिए खोल दिए, गणेश चतुर्थी चल रही है पर क्या किसी भी 1 मस्जिद में, भारत की 1 भी मस्जिद में गणेश मूर्ति रखी गयी

मस्जिद में गणेश की मूर्ति रखना हराम है, पर गणेश पंडाल में जहाँ पर गणेश की मूर्ति है वहां पर नमाज़ पढना एकदम जायज है ? हम सेकुलरों से ही पूछना चाहते है या हम उनसे विनती करते है

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आपने हमे गणेश पंडाल में नमाज़ की बहुत तस्वीरें दिखाई और हमे भाईचारा सिखाया आप हमे किसी भी 1 मस्जिद में गणेश जी की मूर्ति दिखाइए, या गणेश चतुर्थी पर गणेश जी की आरती ही दिखाइए किसी 1 मस्जिद से 

ये सेकुलरिज्म बेहद घिनोना है और ये बेहद बदसूरत है, बंद करो ये घटिया सेकुलरिज्म, दोनों तरफ से हो तब दिखाओ, 1 तरफ़ा बदबूदार सेकुलरिज्म एड्स, कैंसर से भी ज्यादा घातक बीमारी है

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