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भगवा संत वीराथू के इशारे पर म्यांमार ने साफ़ कर दिया रोहिंग्यों को : संयुक्त राष्ट्र

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Saint Wirathu of Myanmar
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Saint Wirathu of Myanmar : बहुत दिनों से मानवाधिकार वाले म्यांमार को लेकर परेशान है और ये लोग म्यांमार सरकार पर दबाव बनाने के लिए एडी चोटी का जोर लगा रहे है 

संयुक्त राष्ट्र में भी इन लोगों ने मामले की शिकायत की थी जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने भी म्यांमार पर दबाव बनाया, पर असल बात ये है की म्यांमार की सरकार और सेना वही कर रही है जो म्यांमार की जनता चाहती है


असल में म्यांमार की जनता ही रोहिंग्यों से परेशान हो गयी थी, और सरकार और सेना ने नहीं रोहिंग्यों के खिलाफ मुहीम आम लोगों ने शुरू किया था, और संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में रोहिंग्यों की सफाई के पीछे भगवा संत वीराथू को जिम्मेदार माना गया है

मानवाधिकार वालों ने भगवा संत वीराथू को जानवर की उपाधि दी है और बताया है की भगवा संत वीराथू ने ही रोहिंग्यों के खिलाफ अभियान की शुरुवात की थी जिसमे फेसबुक ने भी अहम् भूमिका निभाई

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रिपोर्ट में कहा गया की भगवा संत वीराथू के इशारे पर लोग जमा होते और रोहिंग्यों की सफाई करते, फिर लोगों के साथ सेना और सरकार भी शामिल हो गयी और रोहिंग्यों की सफाई के काम को सरकार ही करने लग गयी

Saint Wirathu of Myanmar
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रिपोर्ट में कहा गया की भगवा संत वीराथू एक जानवर है जो की बेहद खतरनाक है, रिपोर्ट में टाइम मैगज़ीन का भी नाम लिया गया जिसने अपनी रिपोर्ट में भगवा संत वीराथू को आतंकवादी बताया था 

रिपोर्ट में कहा गया की भगवा संत वीराथू जैसे लोगों पर लगाम लगाने की जरुरत है, वैसे इस रिपोर्ट में आतंकियों की भी खूब पैरवी की गयी और रोहिंग्यों को जो की बेहद खूंखार आतंकवादी होते है उनको मासूम नागरिक बताया गया

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जबकि सच ये है की रोहिंग्यों ने इस्लामिक मानसिकता का परिचय देते हुए जैसे जैसे संख्या बढ़ी, अपने बहुल इलाकों में इन लोगों ने बौद्धों का नरसंहार शुरू कर दिया, लुट हत्या और बाल्तकार, इसी के चलते भगवा संत वीराथू जैसे संत को बौद्ध का मार्ग छोड़ कृष्ण के सुदर्शन चक्र का मार्ग अपनाना पड़ा और आतंकियों की सफाई का अभियान शुरू हो गया जिसमे लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया

रिपोर्ट से साफ़ है की ये रिपोर्ट मानवाधिकार वालो ने आतंकियों की पैरवी करने के लिए बनाई है, वैसे वो कितना भी भगवा संत वीराथू का विरोध करे पर म्यांमार की एक एक जनता अपने संत के साथ है इसलिए कोई भगवा संत वीराथू  का बाल भी बांका नहीं कर सकता

 

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