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मीडिया आपको पहले भी कई बार घुट्टी पिला चुकी, पूरी जांच का करें इंतज़ार, सना के अलग अलग है बयान

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Sana Khan Vivek Tiwari
Sana Khan Vivek Tiwari

Sana Khan Vivek Tiwari : मीडिया आपको पहले भी कई बार घुट्टी पिला चुकी है, कई बार आपको मुर्ख बना चुकी है चाहे वो रोहतक की मर्दानी बहने हो, जसलीन कौर हो, गुर्मेहर कौर हो, या चंडीगढ़ की आईएस की बेटी, चाहे केरल को 700 करोड़ हो, मीडिया की बात में आकर आप कई बार मुर्ख बनाये जा चुके है

एक तरफ जहां लखनऊ में हुए विवेक तिवारी हत्याकांड से पुलिस प्रशासन से लेकर सरकार तक हड़कंप मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर सेल्फ डिफेंस में गोली चलाने वाले आरोपी सिपाही प्रशांत के पक्ष में गोमतीनगर थाने के सभी सिपाही आ गए हैं। इस पूरे मामले पर यूपी में राजनीतिक भूचाल आ गया है।


Sana Khan Vivek Tiwari : इसी थाने में तैनात एक सिपाही ने बताया कि इस घटना के बाद हमारे साथी सिपाही के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, लेकिन कॉन्स्टेबलों की तरफ से कोई मुकदमा नहीं लिखा गया है कि उन पर भी हत्या का प्रयास हुआ था। इससे थाने के सभी सिपाहियों का मन दुखी है और हमारा मनोबल भी काफी गिरा हुआ है।

गौरतलब है कि आरोपी की पत्नी राखी मालिक भी गोमतीनगर थाने में ही तैनात है।इसके साथ ही सिपाही ने कहा कि ‘जो शस्त्र हमें आत्मरक्षा के लिए दिया जाता है या जनता की सुरक्षा के लिए दिया जाता है, जिसे हम आवश्यकता पड़ने पर चला ही नहीं सकते, जिसे हमने नौकरी ज्वाइन करने से पहले सुना था, जो सच साबित होते देख रहा हूं।’

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Sana Khan Vivek Tiwari : सिपाही ने इंसाफ की मांग पर कहा कि ‘हम तो अपने साथी को देखकर रो भी नहीं सकते, इंसाफ मांगने की बात तो दूर है।’ ऐसे में यह भी बड़ा सवाल उठता है कि आरोपी सिपाही की तहरीर पर मुकदमा क्यों नहीं लिखा जा रहा है, जबकि सभी को अपना पक्ष रखने का समान अधिकार है…?

फिलहाल तमाम गहमागहमी के बीच अगर देखा जाय तो इस मामले की एकमात्र चश्मदीद गवाह सना के बयान कहीं न कहीं ऐसे संदेह पैदा कर रहे हैं जो सत्य को पूरी तरह से सामने लाने से वंचित करते दिख रहे हैं . सना के बयान से जो निकल कर सामने आ रहा है उसमे कुछ सवाल जरूर ऐसे हैं जो मंथन के योग्य हैं ..

मसलन सना द्वारा पुलिस को दी गयी पहली तहरीर में सीधे सीधे लिखा है कि गोली पुलिस ने नहीं बल्कि अज्ञात व्यक्ति ने चलाई है . मीडिया रिपोर्ट्स में आ रही खबरों के अनुसार – अपने FIR में सना ने लिखा है कि – ” मैं सना अपने सहकर्मी के साथ जा रही थी , उनका नाम विवेक तिवारी था . CMS गोमती नगर विस्तार के पास हमारी गाडी खड़ी हुई थी. तभी सामने पुलिस वाले आये और हमने उनसे बचकर निकलने की कोशिश की . उन्होंने हमें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की , उसके बाद अचानक ऐसा लगा कि गोली चली .

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Sana Khan Vivek Tiwari : हमने वहां से गाडी आगे बढाई और हमारी गाडी अंडरपास दीवार से टकरा गयी . विवेक का काफी खून बहने लगा . मैंने सबसे मदद लेने की कोशिश की , थोड़ी देर में पुलिस आई जिसने हमें अस्पताल पहुचाया . सूचना मिली है कि विवेक की मृत्यु हो चुकी है .”

ये वो बयान है जिसको सना ने उसी रात को लिखवा दिया था . ये FIR लिखित रूप से दर्ज हुआ है लेकिन अचानक ही मीडिया के आगे आते ही सना के बयान बदलने शुरू हो गये .. सना ने अपनी लिखित रिपोर्ट के बाद जो मीडिया में बयान दिया वो एकदम अलग है और अप्रत्याशित भी . सना ने अलग अलग मीडिया को जो बताया है वो भी एक बार आपस में मिलाने में मेल नहीं खा रहे हैं .

1- एक मीडिया को दिए गये इन्टरव्यू में सना का कहना है कि पुलिस वाले ने थोड़ी दूर से गोली मारी है लेकिन शीशे पर जो निशान हैं उस से लग रहा है कि गोली काफी नजदीक से मारी गयी है .

2- सना का कहना है कि उन्होंने ट्रक वालों से मदद मांगी जबकि शुरू में वो पुलिस तक से डर कर भागने की बात खुद स्वीकार कर रही हैं .

3- एक बड़ा सवाल ये भी है कि दिवंगत विवेक की पत्नी कल्पना जी का कहना है कि उनके पति सना को घर तक छोड़ कर आने की बात कह रहे थे, मतलब उनका परिवार सना से पहले परिचित था, लेकिन खुद विवेक की पत्नी के अनुसार जब उनके पति उनका फोन लगातार नहीं उठा रहे थे तो उन्होने क्या सना को फोन मिला कर अपने काफी देर से सम्पर्क से बाहर पति का हाल पूछा ?

4 – विवेक के परिवार वालों को इस अनहोनी घटना की सूचना खुद पुलिस वालों ने अस्पताल कर्मियों के माध्यम से पहुचाई . जबकि सना के अनुसार इस बीच वो विवेक के साथ लगातार रहीं .. दुर्घटना से अस्पताल तक ले जाने में काफी समय लगा था तो इस घटना की सूचना खुद सना ने क्यों नहीं दी विवेक के परिवार वालों को ?

5- अपनी दी गयी तहरीर में पुलिस का नाम अस्पताल पहुचने वालों के रूप में लेने वाली सना ने अचानक ही मीडिया के आगे पुलिस पर ही हमलावर रूप , यहाँ तक कि हत्या करने का आरोप लगा दिया जबकि तहरीर उन्होंने अज्ञात के नाम से दी है .

6 – सना ने एक मीडिया को बताया है कि उनकी गाडी खड़ी नहीं बल्कि चल रही थी . जबकि तहरीर में उन्होंने साफ लिखवाया है कि उनकी गाडी खड़ी थी. दूसरा उनका कहना था कि सुनसान में पुलिस को देख कर रुकना ठीक नहीं समझा .. ये बयान भी अपने में अजीब तरफ का है क्यों सुनसान में पुलिस ही किसी का सहारा होती है .

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Sana Khan Vivek Tiwari : हम विवेक तिवारी की आत्मा शान्ति की प्रार्थना करते हुए उनके परिवार वालों के साथ पूरी संवेदना रखता है लेकिन सना का तहरीर और मीडिया के आगे दिया गया अलग अलग और उलझा हुआ बयान इतना जरूर बता रहा है कि कहीं न कहीं कुछ ऐसा जरूर है जो सच के रूप में सामने आना बाकी है..

फिलहाल आगे की जाँच पुलिस पूरी सतर्कता से कर रही है और इतना तय माना जा रहा है कि कुछ लोगों द्वारा उठाये जा रहे शोर के बाद जब शांति छाएगी तो असल सच निकल कर सामने आएगा जो दिवंगत विवेक को न्याय दिलाते हुए इस घटना के असल दोषियों को दंड दिलाएगा .

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