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अयोध्या मसले से जुडी 70 हज़ार फाइलों का अनुवाद करवाकर SC में भेजा, ताकि लटके नहीं राम मंदिर

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Yogi contribution in Ram Mandir
Yogi contribution in Ram Mandir

Yogi contribution in Ram Mandir : पहले तो सेकुलरों ने बाबरी मस्जिद को कायम रखा, अयोध्या का केस कोई आज का नहीं है ये भारत की आज़ादी से पहले का है, और आज़ादी के बाद भी जारी रहा, 1992 में हिन्दुओ ने बाबरी मस्जिद नामक कलंक को साफ़ कर दिया 

पर विभिन्न अदालतों में ये मामला हमेशा से था, और इस मामले को वामपंथियों और सेकुलरों ने बहुत लटकाया, मकसद ये रहा की कभी राम मंदिर बने ही न लटका ही रहे, और अदालतों में सुनवाई ही न हो, कभी ये बहाना बने तो कभी वो


1992 के बाद से ये मामला इलाहबाद हाई कोर्ट में था जहाँ 2010 तक ये मामला इलाहबाद हाई कोर्ट में ही रहा, फिर 2010 से यानि 8 साल से ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है और इस मामले को लटकाया गया, और आज भी लटकाने की कोशिश की जाती है

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मामले को ये कहकर लटकाया जाता है की कुछ फाइल उर्दू में है, कुछ अंग्रेजी में है तो कुछ किसी और भाषा में है, 70 साल तक फाइलों का अनुवाद नहीं किया जा सका, योगी सरकार ने वो काम किया है जो 70 साल में नहीं किया गया

Yogi contribution in Ram Mandir
Yogi contribution in Ram Mandir

जानकारी के मुताबिक योगी सरकार ने 70 हज़ार से ज्यादा फाइलों का डेढ़ साल में ही अनुवाद कर के सुप्रीम कोर्ट के पास भेज दिया है, ताकि अनुवाद के नाम पर किसी तरह मामले को लटकाया ना जा सके, सरकार डेढ़ साल पहले ही बनी थी, और डेढ़ साल में सरकार ने ये काम पूरा कर लिया है

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अयोध्या मामले में सुब्रमण्यम स्वामी भी जुड़े हुए है और वो अब संकेत भी देने लगे है की अब राम मंदिर को कोई नहीं रोक सकता, और जल्द ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर होगा, डॉ स्वामी और योगी जैसे हिन्दू मंदिर में अपना अहम् योगदान दे रहे है ! 

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