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दिवाली पर मुझे कितना पटाखा फोड़ना है वो सिर्फ मैं तय करूँगा कोर्ट नहीं : चिंतामणि मालवीय, सांसद

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Chintamani Malviya
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Chintamani Malviya : पटाखों के मुद्दे पर 364 दिनों तक लगातार सुप्रीम कोर्ट सोया रहा, हर शादी के बाद पटाखे, क्रिसमस, नए इसाई साल पर पटाखे पर सुप्रीम कोर्ट सोया ही रहा 

जैसे ही दिवाली नजदीक आई आज सुप्रीम कोर्ट फिर पटाखों को लेकर एक्टिव हो गया, मांग करी गयी की दिवाली पर पटाखों को बैन कर दिया जाये, पिछले कई दिनों से सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दुओ को लेकर कई तरह के फैसले दिए है, इस बार याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिवाली के पटाखों पर बैन से इंकार कर दिया


पर सुप्रीम कोर्ट ने एक नया नियम हिन्दुओ पर थोप दिया, और कह दिया की हिन्दू अपने त्यौहार पर सिर्फ शाम के 8 बजे से 10 बजे तक की पटाखे फोड़ सकते है, सिर्फ 2 घंटे के बीच में ही पटाखों के साथ दिवाली की खुशियाँ मनाई जा सकती है

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सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद हिन्दुओ में आक्रोश है और अब खुलकर एक सांसद ने भी अपना आक्रोश व्यक्त कर दिया है, बीजेपी सांसद चिंतामणि मालवीय ने आज कोर्ट के 2 घंटे वाले नियम पर कहा की

मैं तब पटाखे फोडूगा जब मेरी पूजा ख़त्म हो जाएगी, चाहे वो कितने बजे भी हो, मैं कब पटाखे फोडूगा ये मैं तय करूँगा कोई कोर्ट नहीं, हिन्दुओ के पटाखों पर मुगलों की भी बैन लगाने की हिम्मत नहीं हुई थी

चिंतामणि मालवीय ने साफ़ कहा की कोर्ट का नियम स्वीकार लायक नहीं है

Chintamani Malviya
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सुप्रीम कोर्ट के अनैतिक फैसले पर अबतक सिर्फ आम लोग ही मुखर होकर बोल रहे थे पर अब सांसद भी बोलने लगे है, देश के वामपंथी कोर्ट के जरिये हिन्दुओ का दमन कर रहे है

क्रिसमस, ईसाईयों के नए साल 31 दिसम्बर पर तो पटाखों पर कोई टाइम लिमिट नहीं है, तो ऐसे में सिर्फ हिन्दुओ का ही दमन क्यों, सांसद की बात ठीक है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वीकार करने लायक नहीं है

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