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जज ने साबित किया – ये मुस्लिम पहले है जज या भारतीय बाद में, ISIS विचारधारा का समर्थन कोई बुरा नहीं

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Justice A M Shaffique
Justice A M Shaffique

Justice A M Shaffique : केरल हाई कोर्ट के एक जज ने आज फिर साबित कर दिया की – मुस्लमान सबसे पहले मुसलमान होता है बाकि कुछ बाद में, सेक्युलर सिर्फ हिन्दू होते है 

इस्लामिक स्टेट एक खूंखार इस्लामिक आतंकवादी संगठन है, जिसने दुसरे धर्म के लोगों के खिलाफ हिंसा और आतंकवाद मचाया, लुट बलात्कार कत्लेआम मचाया, और देश के भी कई कट्टरपंथी मुस्लिम इस संगठन में शामिल हुए ताकि दुसरे धर्म के लोगों के खिलाफ आतंकवाद मचा सके, उन्हें मार सके, बलात्कार कर सके लुट सके


केरल से ऐसे कई दर्जन कट्टरपंथी ISIS में शामिल हुए, कई मारे गए कई को पकड़ा गया, केरल के यासीम मोहम्मद जाहिद को अफगानिस्तान में पकड़ा गया था जिसने ISIS ज्वाइन किया था, अफगानिस्तान ने उसे भारत को सौंप दिया

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इसी के मामले की सुनवाई केरल हाई कोर्ट में हो रही थी जहाँ पर जज ने इस आतंकवादी पर मेहरबानी की दुकान सी खोल दी और ये कहा की – ISIS की विचारधारा का समर्थन देश के खिलाफ कोई युद्ध थोड़ी है, इस महान जज का नाम भी जानिये – नाम है AM शफीक

जज को खतरनाक इस्लामिक आतंकवादी संगठन की विचारधारा के समर्थन में कोई बुराई नजर नहीं आती, इनके अनुसार ISIS की विचारधारा का समर्थन देश के खिलाफ युद्ध नहीं है

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आपकी जानकारी के लिए बता दें की भारत में संविधान चलता है और इस संविधान ने सभी नागरिको को 1 सामान अधिकार और सम्मान दिया है, ऐसा कोर्ट भी कहती है – और ISIS की विचारधारा है की – दुसरे धर्म के लोगों को मारो, दुसरे धर्म की महिलाओं का बलात्कार करो, दुसरे धर्म के लोगों को लूटों, दुसरे धर्म के लोगों को धर्मान्तरित करो

इसी विचारधारा का समर्थन करते हुए कई कट्टरपंथी आतंकवादी बन गए, पर जज AM शफीक को ये देश के खिलाफ नहीं लगता, अब आप जज की विचारधारा को भी समझ सकते है इसका अंदाजा लगा सकते है

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