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हे मुर्ख शिरोमणि राहुल गाँधी जी ! “दत्तात्रेय” नाम का कोई गोत्र भारत, सनातन धर्म में होता ही नहीं

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Dattatreya Gotra dont Exist
Dattatreya Gotra dont Exist

Dattatreya Gotra dont Exist : फिरोज खान के पोते और इटली की अंतोनिया मियानो के बेटे राहुल गाँधी को हिन्दू बनना है, ये तो बहुत अच्छी बात है, इसका स्वागत होना चाहिए 

पर हिन्दू बन्ने के लिए फर्जीवाडा करने की जरुरत ही क्या है, और अगर फर्जीवाडा करना ही है तो जरा ठीक से करना चाहिए – ऐसा फर्जीवाडा भी आखिर किस काम का जिसका कोई आधार ही न हो, देश के लोग इतने भी मुर्ख नहीं जितना कांग्रेस पार्टी समझे बैठी है


जनेऊ धारण करने से पहले भी गोत्र बताना होता है, पूजा की जाती है जनेऊ धारण से पहले, पर कथित जनयूधारी राहुल गाँधी से एक पंडित ने मध्य प्रदेश में उनका गोत्र पूछ लिया तो उनको पता नहीं था

फिर मुद्दा बना तो पुष्कर पहुंचकर राहुल गाँधी ने खुद को कॉल दत्तात्रेय गोत्र का बताया, फिर बताया की वो कॉल ब्राह्मण है और उनका गोत्र है दत्तात्रेय गोत्र !

फिर हमने भी सनातन धर्म की कुछ पुस्तकें निकाल ली, उनमे नहीं मिला तो हमने कुछ विद्वानों से भी पुछा, और उसके बाद रिसर्च भी किया, चूँकि हिन्दू धर्म बहुत विशाल है, इसलिए कुछ कहने से पहले ठीक से जानकारी होनी चाहिए

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Dattatreya Gotra dont Exist : दत्तात्रेय नाम का कोई गोत्र हिन्दू धर्म, भारतीय सनातन संस्कृति में होता ही नहीं है – दत्तात्रेय नाम का कोई भी गोत्र मौजूद ही नहीं है, और न कभी मौजूद था, सनातन धर्म में कोई भी दत्तात्रेय गोत्र नहीं होता

सनातन धर्म में मुख्य 7 गोत्र होते है, ये गोत्र सप्तऋषियों के नाम पर होते है, गोत्र मतलब पिता – गोत्र माने हम इनकी संतान है – सनातन धर्म के ग्रंथों में सप्त ऋषियों का जिक्र है, इन सप्त ऋषियों में – अगस्त, अत्री, भरद्वाज, गौतम, जमदग्नि, वशिष्ट, विश्वामित्र शामिल है

पर कुछ ग्रंथों में सप्त ऋषियों में कश्यप भृगु भी शामिल है, और कुछ ग्रंथों में कई अन्य ऋषि भी शामिल है – पर सप्त ऋषियों में दत्तात्रेय किसी भी ग्रन्थ में शामिल नहीं है

पर ये दत्तात्रेय आखिर थे कौन ? 

bhagwan dattatreya
bhagwan dattatreya

दरअसल धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान् दत्तात्रेय त्रिमूर्ति यानि की शिव ब्रह्मा और विष्णु के संयुक्त अवतार थे, और भगवान् दत्तात्रेय के पिता था अत्री ऋषि, यानि खुद भगवान् दत्तात्रेय का गोत्र अत्री था

दत्तात्रेय 2 शब्दों से बना हुआ है – दत्ता मतलब देने वाला और अत्रेय मतलब अत्री ऋषि के पुत्र जो की कुछ ग्रंथों में सप्त ऋषि में शामिल है

Dattatreya Gotra dont Exist : सप्त ऋषियों के नाम से 7 मुख्य गोत्र है, इसके अलावा 49 और गोत्र भी है जिसे प्रवरस कहा जाता है, पर प्रवरस में भी कोई दत्तात्रेय गोत्र नहीं होता 

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दत्तात्रेय भगवान् का गोत्र खुद अत्री था, दत्तात्रेय नाम का कोई गोत्र किसी भी ग्रन्थ में मौजूद ही नहीं है, भारतीय ग्रंथों में ये मौजूद नहीं है, हो सकता है इटली के किसी ग्रन्थ में ये मौजूद हो !

फर्जीवाडा करना ही था तो ठीक तरीके से करते, पर जो चीज मौजूद ही नहीं है उसका नाम ले लिया, मुर्ख शिरोमणि राहुल गाँधी को कदाचित किसी दुसरे कांग्रेसी ने फिर मुर्ख बना दिया है

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