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फर्जी इतिहासकार इरफ़ान हबीब ने “शाह” शब्द को बताया फारसी, लोगों ने उधेड़ दी बक्खियाँ

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Fake Historian Irfan Habib
Fake Historian Irfan Habib

Fake Historian Irfan Habib : आज़ादी के बाद नेहरु ने देश का शिक्षा मंत्री एक कट्टरपंथी मुस्लिम मजहब गुरु को बना दिया, एक मौलाना हमारा सबसे पहला शिक्षा मंत्री था 

भारत के स्कूलों और कॉलेज में आज भी जो इतिहास पढाई जाती है वो फर्जी इतिहासकारों द्वारा लिखी गयी है, फर्जी इतिहासकार जिनमे रोमिला थापर, रामचंद्र गुहा, इरफ़ान हबीब जैसे प्रमुख नाम शामिल है, इन लोगों को आतंकवादी अकबर को जो एक तुर्क था उसे भारतीय बताकर महान बता दिया


इन्ही लोगों ने भगत सिंह को भी आतंकवादी बताया, इन लोगों ने भारतीयों को बताया की ताजमहल शाहजहाँ ने बनवाया, पर इसका कोई सबूत इन फर्जी इतिहासकारों ने नहीं दिया, जबकि कार्बन डेटिंग के हिसाब से ताजमहल 13वी सदी की ईमारत है जब शाहजहाँ तो क्या बाबर भी पैदा नहीं हुआ था

दरअसल उत्तर प्रदेश में योगी सरकार कई शहरों को उनके असल नाम लौटा रही है, इस से देश के सेक्युलर कम्युनिस्ट और कट्टरपंथी काफी बौखलाए हुए है, और इसी का विरोध करते हुए फर्जी इतिहासकार इरफ़ान हबीब ने “शाह” शब्द को पर्शियन बता दिया, फारसी बता दिया

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इरफ़ान हबीब ने बीजेपी पर हमला किया और कहा की शाह एक फारसी शब्द है, और बीजेपी वाले नाम बदल रहे है तो सबसे पहले शाह शब्द को बदले, इरफ़ान हबीब ने अमित शाह का नाम बदलने की बात कही

आपको पहले बता दें की इन लोगों की लिखी हुई किताबें आप स्कुल कॉलेज में पढ़कर बड़े हुए है, इस फर्जी इतिहासकार के मुताबिक शाह एक पारसी शब्द है, और अमित शाह का नाम बदलना चाहिए

Fake Historian Irfan Habib : अब इरफ़ान हबीब को इतिहास की उतनी ही जानकारी है जैसे की राहुल गाँधी को भारतीय संस्कृति की, अब इरफ़ान हबीब जिसे एक बड़ा इतिहासकार बताया जाता है उसे लोगों ने किस प्रकार शिक्षा दी वो भी देखिये

Fake Historian Irfan Habib : पहले आपको बता दें की फारसी भाषा कोई इस्लामिक या मुसलमानों की भाषा नहीं है ये पारसी लोगो की भाषा है, और शाह शब्द असल में संस्कृत के साधू और प्रकृत के शाहू शब्द से निकला है, शाह एक भारतीय शब्द है जिसे वैश्य लोगो से जोड़ा जाता है, ऐसे लोग जो पैसे का काम करते थे, जो बुद्धिमान थे उनको शाह कहा जाता था, आज ओड़िसा में साहू शब्द इस्तेमाल होता है, आज भी कई उदाहरण है

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पर्शिया में भी शाह शब्द इस्तेमाल होता था, आज पर्शिया ईरान बन गया है, पर आज भी वहां शाह शब्द इस्तेमाल होता है, और ये शब्द भारत से ही पर्शिया गया था

फर्जी इतिहासकारों ने आपको इतिहास की किताबों में कितने बड़े बड़े झूठ पढाये है, ये तो आप आजतक नहीं जानते

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