Press "Enter" to skip to content

गाँधी की मजार पर रोजाना 25 सिलिंडर जला दिया जाता है, इस से अच्छा कितने परिवारों के चूल्हे जल जाए

Share on Facebook
Facebook
Tweet about this on Twitter
Twitter
Share on Google+
Google+
Pin on Pinterest
Pinterest

कृपया शेयर जरुर करें
Fire at gandhi samadhi
Fire at gandhi samadhi

Fire at gandhi samadhi : पहली चीज ये आपको स्पष्ट कर दें की गाँधी ने मरते हुए “हे राम” नहीं कहा था, ये कांग्रेसी इतिहासकारों द्वारा फैलाया गया फर्जी किस्सा है, ताकि दशकों दशक तक हिन्दू समाज के लोग मूढ़ बनाये जाते रहे 

गाँधी की देश में कई मजारें है, गाँधी का एक मजार दिल्ली में भी है – अक्सर नेता यहाँ आते है, इस मजार दिल्ली के सबसे महंगे इलाके राजघाट में है, और गाँधी का मजार कई कई एकड़ में फैला हुआ है, गाँधी की मजार 44.35 एकड़ में है


दिल्ली में इस जमीन की कीमत ही हजारों करोड़ की है, पर मरने के बाद 5 फीट 4 इंच के गाँधी ने 44.35 एकड़ जमीन पर कब्ज़ा कर रखा है, इसे राजघाट कहते है, इसका रोजाना रखरखाव किया जाता है, और जिसपर हर साल करोडो रुपए खर्च किये जाते है

loading...

गाँधी की मजार पर एक ज्योति भी जलाई जाती है जिसे आपके लिए हमने ऊपर तस्वीर में भी प्रदर्शित किया है, ये ज्योति 24 घंटे तक जलती है, रोजाना 24 घंटे, हमेशा जलती ही रहती है, और इसे ऐसे ही जलाये रखने के लिए रोज इतना गैस लगाया जाता है जितने से एक सामान्य सिलिंडर 25 बार भरा जा सके

यानि साफ़ शब्दों में कहें तो गाँधी के मजार पर आग जलाये रखने के लिए रोजाना 25 सिलिंडर लगाये जाते है, अब आप स्वयं सोचिये की इस देश में जितने बुद्धिजीवी है वो ज्ञान देते है की राम मंदिर की क्या जरुरत है, पटेल मूर्ति की क्या जरुरत है, राम मंदिर दिल में बना लो, इत्यादि इत्यादि

loading...

ये लोग कभी इस बात पर प्रश्न उठाते है की गाँधी की मजार पर 24 घंटे आग जलाने की क्या जरुरत है, रोज 25 सिलिंडर – अगर 1-1 सिलिंडर भी एक सामान्य परिवार को दे दिया जाये, तो उसके यहाँ 30 दिनों तक चूल्हा जल सकता है

जो लोग फिजूल खर्ची की बात करते है, वो गाँधी, नेहरु, राजीव, इंदिरा इत्यादि के स्मारकों पर होने वाले अरबों रुपए के खर्च पर ऐसे मौन हो जाते है जैसे मुह में दही जम गयी हो

Comments are closed.

Mission News Theme by Compete Themes.
error: Content is protected !!