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मुग्धा गोडसे नाम की अभिनेत्री, बार बार की गयी अपमानित क्यूंकि उनका सरनेम गोडसे है

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Mugdha Godse
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Mugdha Godse : एक मॉडल तथा अभिनेत्री हैं मुग्धा गोडसे। एक बार मॉडलिंग के सिलसिले में इंदौर के एक होटल में ठहरी। रिशेप्शन पर अपना पूरा नाम बताया तो न केबल रिसेप्शन बल्कि वहां उपस्थित अन्य लोग भी उसे हैरत से देखने लगे। उनके आश्चर्य का विषय था गोडसे सरनेम।

गोडसे सरनेम से लोगों को तुरन्त हिंसा प्रिय नाथूराम गोडसे याद आते हैं जिसने बेचारे सीधे साधे गांधी जी को मारा था और यही हिंसा का लेबल बेचारी मुग्धा भी ढो रही थी। महाराष्ट्र छोड़ दिया जाये तो अन्य प्रदेशों में उसे बड़े अजीब तरीके से देखा जाता था। लोग नाथूराम गोडसे से उसका कनेक्शन बिठाने लगते थे। उससे खोद खोद कर पूछते थे कि नाथूराम आपके कौन थे ? अब कनेक्शन था या नहीं ये अल्ला जाने पर बेचारी इस प्रश्न पर हमेशा मुहँ सिल लेती थी।


आइये मुग्धा के विषय में थोड़ा सा जान लेते हैं। मुग्धा बेहद गरीब घर से आती थी। तेल बेचकर 100 रुपया प्रतिदिन तक कमाती थी। तकदीर ने करवट बदली और अच्छी नैन नक्श और लम्बाई के कारण पहले मॉडलिंग में सेलेक्ट हुई फिर बाद में फेमिना मिस इंडिया बनी। जाहिर सी बात है जिसका कांग्रेसियों ने सब कुछ छीन लिया हो वो तेल ही बेच सकता है।

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एक आरएसएस वाले बुजुर्ग एक बार बता रहे थे कि नाथूराम गोडसे की फांसी के बाद कांग्रेसियों ने नाथूराम के खानदान पर बहुत अत्याचार किये थे। फ़र्ज़ी आरोप लगाकर पूछताछ के नाम पर उनके खानदान के लोगों को जेल में डलवाकर यातनाएँ दीं। उनकी नौकरी, रोजगार, व्यवसाय इत्यादि सब कुछ छीन लिया। हालत ये हो गयी कि मराठी लोग अपना गोडसे सरनेम छिपाने लगे।

कभी अपनी अंतरात्मा से ईमानदारी से पूछियेगा । नाथूराम गोडसे ने हिंदुओं पर जो अहसान किया था उसका क्या मूल्य था ? गांधी को अगर उस समय अगर नाथूराम न मारते तो हिन्दू इस समय मुगलों के गुलाम होते। उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश को भी ये गांधी महान पाकिस्तान को देने की तैयारी कर चुका था।

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जिस मुग्धा को गर्व से कहना चाहिए कि हाँ वो नाथूराम गोडसे की वँशज है वो शर्मिंदगी के दलदल में धकेल दी गयी है।

शर्मिंदा मुग्धा को नहीं हम हिंदुओं को होना चाहिये। जिस नाथूराम को भरपूर सम्मान मिलना चाहिए था उसे हम हिंदुओं ने शर्मिंदगी का पर्याय बना दिया। हम हिंदुओं के साथ यही कमी है जो हमे जितना पीटता है उसी को पिता और राष्ट्रपिता का दर्ज़ा देने लगते हैं।

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