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सुप्रीम कोर्ट ने बोफोर्स केस की सुनवाई से किया इंकार, राजीव गाँधी व अन्य कांग्रेसी थे आरोपी, केस री-ओपन की थी मांग

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Supreme Court refused to reopen Bofors Case
Supreme Court refused to reopen Bofors Case

Supreme Court refused to reopen Bofors Case : चिदंबरम हो या कांग्रेस के अन्य नेता, चाहे घोटाले का मामला हो या सिख दंगों का मामला, भारत की कोर्ट आम आदमी को तारीख पर तारीख वहीँ कांग्रेसियों को राहत ही राहत, कोर्ट को कश्मीरी हिन्दुओ का मामला भी नहीं सुनना, न 1984 के मामले सुनने है 

आज सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की मांग को ठुकरा दिया, सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में बोफोर्स केस को दुबारा खोलने की मांग करी थी, जिसे कोर्ट ने सिरे से ख़ारिज कर दिया और कहा की अब बहुत टाइम हो गया है मामला फिर से खोलने की जरुरत नहीं है


कोर्ट ने साफ़ कर दिया की वो बोफोर्स घोटाले के केस को नहीं खोलेंगे, यानि इस मामले में अब कभी न्याय फैसला सुनवाई होगा ये भूल जाइए, ये मामला सीधे राहुल गाँधी के डैडी राजीव गाँधी से जुड़ा हुआ है, इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सभी आरोपियों को निर्दोष भी घोषित कर दिया था, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को दुबारा खोलने से मना कर दिया

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Supreme Court refused to reopen Bofors Case
Supreme Court refused to reopen Bofors Case

जिन 2 जजों की बेंच ने आज बोफोर्स केस को दुबारा खोलने से मना कर दिया उनमे शामिल थे चीफ जज रंजन गोगोई और दुसरे जज थे केएम जोसफ, ये वही दोनों जज है जो की अयोध्या मसले की बेंच में भी शामिल है

पिछले दिनों अयोध्या मसले पर महीनो बाद 3 मिनट की सुनवाई हुई थी और अयोध्या मसले को 3 महीने के लिए टाल दिया गया था, उस बेंच में रंजन गोगोई और केएम जोसफ शामिल थे

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रंजन गोगोई के पिता कांग्रेस के मुख्यमंत्री रह चुके है, इनका परिवार कांग्रेसी रहा है, साथ ही के एम जोसफ धर्म से इसाई है, इन दो जजों ने बोफोर्स मामले में कांग्रेस को बड़ी राहत दे दी है

बता दें की बोफोर्स घोटाला राजीव गाँधी और उनके साथियों ने किया था, अदालतों में हमेशा राजीव गाँधी और उनके साथी बचा लिए गए, अगर राजीव गाँधी पर कोर्ट फैसला करे तो उनका भारत रत्न भी छीना जा सकता है, पर कोर्ट ने साफ़ कर दिया की कोई सुनवाई नहीं होगी

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