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वो कहते है आतंक का कोई धर्म नहीं होता, जब मैं आतंक के खिलाफ बोलता हूँ, तो मुझे एंटी मुस्लिम बता देते है : इमाम ताव्हिदी

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Imam Tawhidi on Terrorism
Imam Tawhidi on Terrorism

Imam Tawhidi on Terrorism : दुनिया भर के इस्लामिक कट्टरपंथियों, सेकुलरों और वामपंथियों का ये ही हाल है, सबके सब डीएनए से ही दोगले और आतंकवाद के समर्थक होते है 

ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले इमाम ताव्हिदी ने कट्टरपंथियों, सेकुलरो और वामपंथियों के दोगलेपन को बार बार एक्सपोज किया है, और इस बार इमाम ताव्हिदी ने इनको लिखित में एक्सपोज किया है


इमाम ताव्हिदी दुनिया भर में जाते है, ये किताबे भी लिखते है और आतंकवाद के आलोचक है, और इसी कारण दुनिया भर के इस्लामिक कट्टरपंथी इनको पसंद नहीं करते, जबकि ये स्वयं में एक इमाम है और इनका पूरा नाम मोहम्मद ताव्हिदी है

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भारत में भी हमेशा कहा जाता है की आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता, पर जैसे ही आतंकवादियों की लाशों को जलाने की बात कही जाती है फिर इस्लाम न जाने कहाँ से आ जाता है और आतंकियों को सही तरीके से इस्लामिक रीति से दफ़न करने की मांग शुरू हो जाती है

ऐसा सिर्फ भारत में ही नहीं है बल्कि दुनिया भर में है

इमाम ताव्हिदी भी ऐसे दोग्लों का सामना कर चुके है, उन्होंने कहा की – मेरी ये स्तिथि है की – पहले वो ये कहते है की आतंकवाद से इस्लाम का कुछ लेना देना नहीं है

फिर मैं कहता हूँ की – ठीक है, फिर भी आतंकवादियों और कट्टरपंथियों की आलोचना शुरू कर देता हूँ, तो फिर वही मुझे एंटी मुस्लिम बताने लगते है

जबकि वो कुछ ही समय पहले कह रहे होते है की आतंकवाद का इस्लाम से लेना देना नहीं होता

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दुनिया भर के सेकुलरों, वामपंथियों, कट्टरपंथियों का ये ही हाल है, असल में ये सब आतंकवाद के समर्थक और स्वयं आतंकवादी होते है, जो की आतंकवाद का संरक्षण और समर्थन करते है, आतंकियों का बचाव करते है

और सही मायनो में देखा जाये तो आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक ये लोग होते है जो समाज के बीच में घूम रहे होते है

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