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JNU – उड़ रहा वामपंथ, छा रहा राष्ट्रवाद, तस्वीर कह रही है काफी कुछ

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Prakash Karat vs Subramanian Swamy in JNU
Prakash Karat vs Subramanian Swamy in JNU

Prakash Karat vs Subramanian Swamy in JNU : दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी का नाम सुनते ही आपके दिमाग में देशद्रोह, आतंकवाद, नक्सलवाद आता होगा, इस यूनिवर्सिटी का नाम ही एक ऐसे शख्स के नाम पर है जिसे देश में बहुत से लोग गद्दार-ए-हिन्द भी कहते है

जवाहर लाल यूनिवर्सिटी में हमेशा से वामपंथियों का कब्ज़ा रहा, फ्री सेक्स वाली यहाँ वामिने खूब घुमती है, और नए नए जो बच्चे इस यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेकर आते है, ये उनको टारगेट करती है, और मासूम बच्चे वामी बन जाते है अधिकतर वामपंथियों की यही कहानी होती है


छोटे छोटे शहरों से इस यूनिवर्सिटी में आते हैं फ्री सेक्स वाली वामिने उनको शिकार बनाकर वामी गैंग में शामिल करती है, ये धंधा इस यूनिवर्सिटी में दशको से चल रहा है पर 2014 के बाद से माहौल बदल रहा है

गन्दगी को साफ़ करना इतना आसान नहीं होता, नए बच्चों को राष्ट्रवाद, देशभक्ति से ज्यादा फ्री सेक्स वाली प्राभावित करती है, पर जीत हमेशा ही अच्छाई की ही होती है भले ही गन्दगी कितनी भी ताकतवर क्यों न हो

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JNU में अब बदलाव हो रहा है और ऊपर की तस्वीर इसे बताने के लिए काफी है, कल गुरुवार को JNU में बड़े वामी नेता प्रकाश करात ने एक कार्यक्रम किया, प्रकाश करात के कार्यक्रम में ऐसी भीड़ थी की गिनती के कुछ छात्र उसे सुनने आये, साथ ही 1 कुत्ता भी उसे सुनता सुनता इतना बोर हो गया की अपनी पीठ सीधी करने लगा

आज शुक्रवार को इसी JNU में सुब्रमण्यम स्वामी ने राष्ट्रवाद, धर्म, देश पर व्याख्यान दिया, और स्वामी को सुनने के लिए JNU के छात्रों को भीड़ इतनी उमड़ी की जिस स्थल पर कार्यक्रम रखा गया था वहां बैठने के लिए कुर्सियां भी कम पड़ गयी

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डॉ स्वामी का कार्यक्रम न हो सके इसकी भी वामी गिरोह ने काफी कोशिश की, पर डॉ स्वामी भी अलग मिटटी के बने है, उन्होंने कैसे भी करके कार्यक्रम किया और उनकी कार्यक्रम में जबरजस्त भीड़ आई, और ये भी साफ़ हो गया की उनके कार्यक्रम को रुकवाने की कोशिश क्यों की जा रही थी

JNU के लिए ये शुभ संकेत है और देश के लिए भी अब फ्री सेक्स वालियों पर राष्ट्रवाद भारी पड़ रहा है

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