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सामने आने ही लगा चाँद मियां उर्फ़ साईं का सच – मंदिर में हिन्दू प्रतीकों से आक्रोशित हो रहे मुसलमान

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Reality of Sai Baba
Reality of Sai Baba

Reality of Sai Baba : चाँद मियां उर्फ़ साईं का असली चेहरा सामने आया । आपको याद होगा कुछ दिन पहले मोदी जी शिर्डी गए थे, उसके बाद शिर्डी में भारी बदलाव आया है ।

साईं शिर्डी ट्रस्ट ने पिछले कुछ महीनो से साईं संस्थान का भगवाकरण करना आरम्भ कर दिया है, चारो और ॐ के चिन्ह, भगवा रंग के बोर्ड, सबका मालिक एक और अल्लाह मालिक एक के स्थान पर ॐ साईं नाथाय नमः, द्वारकामाई मस्जिद की जगह द्वारकामाई मंदिर आदि के कारण साईं परिसर अब वास्तव में मंदिर जैसा दिखने लग गया है, पर ये कुछ जिहादियो को हजम नहीं हुआ और उन्होंने मंदिर परिसर में इसका विरोध करना शुरू कर दिया,


वास्तव में पूरी कहानी अब समझ आ रही है, पिछले महीने पीएम मोदी शिर्डी गए थे, उसके बाद से पूरे शिर्डी मंदिर का कायापलट किया जा रहा है, आपको जानकर हैरानी होगी की शिर्डी के मुख्य मुस्लिम पुजारी ने भी इस भगवाकरण का विरोध किया है

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आप कहेंगे पुजारी वो भी मुस्लिम तो वास्तव में ये सत्य है वहां पर पिछले 5-7 सालो से मुस्लिम पुजारी और मुस्लिम सेवादार रखे जा रहे है जो लोगों के बीच इस्लामीकरण का प्रचार कर रहे है, मैं आरम्भ से ही साईं का विरोधी था पर साईं को समाप्त करना है तो आदिगुरू शंकराचार्य के बोद्धो को नष्ट करने वाले उपाय ही हमे अपनाना होगा,

2014 के साईं विवाद के बाद ट्रस्ट में बैठे सभी 15 लोगों में जिनमे मुसलमान भी थे, उन्हें हटा दिया, अब वहां पर अधिकतर ट्रस्ट वाले बीजेपी से है जिन्होंने साईं मंदिर का भगवाकरण करना प्रारम्भ किया और मुसलमान उस चक्रव्यूह में फंस गए, उनके विरोध से बात साफ़ हो गयी की अंदरखाने मुसलमानों ने जो खिचड़ी पकाड़ी थी अब वो गलने वाली नहीं है

इस कार्य के बाद साईं भक्त दो फाड़ हो गए है, एक वो गुट जो चाहता है की मंदिर परिसर से ॐ हटे, भगवा रंग के बोर्ड व् झंडे हटाये जाए और परिसर का भगवाकरण न हो वही रा गुट ऐसे लोगों का विरोध कर रहा है और मंदिर को मंदिर ही रहने देने की बात कर रहा है, कुल मिलाकर इसका फायदा हमारे अभियान को होगा, क्यूंकि अब तक लोग साईं को ब्राहमण बताते हुए उसकी पूजा को सही बता रहे थे, पर इस नए विवाद के बाद खुद साईं के मुस्लिम होने का प्रमाण संस्थान के कई लोग दे रहे है

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इस कड़ी में अब मंदिर परिसर से मुस्लिम सेवादारो को निकाला जा रहा है, पुजारियों को बदलने की योजना चल रही है, और मंदिर परिसर को पूरा मंदिर जैसा ही माहौल दिया जा रहा है जो पहले एक दरगाह जैसा था,

Reality of Sai Baba : मेरे अनुसार तो अब साईं की कब्र को तोड़ कर वहां पर केवल मूर्ति ही रखी जानी चाहिए, मुसलमानों का वहां आना बंद हो और परिसर में किसी प्रकार की जिहादी गतिविधियाँ बंद हो तो साईं के द्वारा फ़ैल रहा भक्ति जिहाद स्वत: ही रुक जायेगा क्यूंकि पिछले कुछ सालो से साईं के प्रचार में सबसे आगे मुसलमान ही है

बाकी बीजेपी और पीएम मोदी की प्रशंसा की उन्होंने बिना इतना काम कर भी दिया और किसी को भनक भी न लगी,

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