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दिवाली पर पटाखे जले तो बम बम करके चींखी पत्रकार, दिवाली मामने वालो को बताया अपराधी

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deepti sachdeva on crackers
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deepti sachdeva on crackers : कल दिवाली के शुभ मौके पर अगर आप दैनिक भारत पर थे तो हमने आपको बताया था की देश में पटाखों से भी ज्यादा सेक्युलर फूट रहे है, जितनी आवाज पटाखे नहीं कर रहे है उस से ज्यादा सेक्युलर चिल्ला रहे है 

और भारत की मीडिया के लोग तो दिवाली मनाने वालो पर इतना भड़के जैसे लोगों ने उनके सर पर ही पटाखे फोड़ दिए हो, पहली चीज आपको बता दें की सुप्रीम कोर्ट ने हद से बाहर जाकर दिवाली के पटाखों पर नियम थोपा था


इस देश की अदालतों को कानून से चलना होता है, आप भारत के कानून की किसी भी किताब को उठा लीजिये, दिवाली के पटाखों का समय फिक्स करने का कोई कानून ही नहीं है, इस देश में कानून बनाना हो तो उसका अधिकार कोर्ट को नहीं है, सिर्फ संसद या विधानसभा को है, पर कोर्ट ने दिवाली के पटाखों की लिमिट को कानून से बाहर जाकर तय कर दिया

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पर दिवाली पर लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े, शाम से लेकर देर रात तक पटाखे फोड़े ही जाते रहे, और जितने पटाखे फूटे उतने ही देश के सेक्युलर भी फूटे, सेक्युलर पत्रकार दीप्ति सचदेवा इतना भड़क गयी की वो बम बम करके चिल्लाई, आपके ही घर से दिवाली मनाने वालो के खिलाफ बम बम करने लगी, देखिये विडियो

deepti sachdeva on crackers : दिवाली मनाने वालो को दीप्ती सचदेवा ने अपराधी बता दिया, कोर्ट की अवमानना करने वाला अपराधी, लाइव रिपोर्टिंग करने लगी अपने घर से दिवाली मानने वालो के खिलाफ

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वैसे आपको एक और बात बता दें की इस देश में कोर्ट ने मस्जिद के लाउड स्पीकर पर कई बार फैसले दिए है, और फिर भी कभी फैसलों को लागू नहीं किया गया, साल के 365 दिन कोर्ट की धज्जियाँ मस्जिदों पर उड़ाई जाती है, पर मस्जिद के सामने खड़े होकर दीप्ती सचदेवा जैसे लोग नहीं कहते की – ये देखिये यहाँ खुलेआम कोर्ट की अवमामना हो रही है, इनके निशाने पर सिर्फ हिन्दू और सिर्फ हिन्दू त्यौहार है

नोट : – अपने बच्चों को कान्वेंट स्कूलों से दूर रहे, वरना जब वो बड़े होंगे उनके नाम तो हिन्दुओ वाले होंगे, पर अन्दर से वो इसाई या मुसलमान होंगे वो भी ईसाईयों से मुसलमानों से ज्यादा कट्टरपंथी 

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